नमस्कार दोस्तों, आप सभी लोग जानते हैं कि हरतालिका तीज का व्रत सुहागन महिलाओं और कुंवारी लड़कियों के लिए कितना ज्यादा विशेष और महत्वपूर्ण होता है क्योंकि इस व्रत को सुहागन महिलाएं अपने पति की लंबी आयु के लिए और कुंवारी लड़कियां अच्छा घर और वर प्राप्त करने के लिए इस व्रत को धारण करती हैं।
भाद्रपद मास की शुक्ल पक्ष की जो तृतीया तिथि होती है उसी दिन हरतालिका तीज का व्रत रखा जाता है।
हरतालिका तीज के व्रत में बालू रेत के शिवलिंग को बनाकर रात्रि में विशेष चार पहर की पूजा की जाती है और इसमें रात्रि जागरण भी किया जाता है।
हरतालिका तीज व्रत कब है 2025 में
हरतालिका तीज का व्रत 26 अगस्त 2025 के दिन रखा जाएगा।
हरतालिका तीज व्रत की तिथि कब से लेकर कब तक है
भाद्रपद मास के शुक्ल पक्ष की तृतीया तिथि 25 अगस्त सोमवार की दोपहर को 12:35 मिनट से शुरू हो जाएगी और 26 अगस्त मंगलवार की दोपहर को 1:54 मिनट तक रहेगी। उदयातिथि के अनुसार हरतालिका तीज का व्रत 26 अगस्त 2025 के दिन ही रखा जाएगा।
हरतालिका तीज का व्रत कैसे रखें
- हरतालिका तीज का व्रत कठिन व्रत में से एक माना जाता है इस व्रत को माता बहनों को निर्जला और निराहार रखना रहता है इस व्रत में ना आप कुछ खा सकते हैं ना पी सकते हैं। इस व्रत में आपको सुबह जल्दी उठकर पानी, जूस या नारियल पानी पीना चाहे तो पी सकते हैं क्योंकि इसके बाद आपके पूरे दिन बिना खाए और बिना पिए रहना है। सुबह 4:35 मिनट से पहले जो भी आपको पीना है वह पीले क्योंकि इसके बाद ब्रह्म मुहूर्त शुरू हो जाएगा और उसके बाद आप कुछ नहीं पी सकते हैं।
- हरतालिका तीज के व्रत में आप लोग दो जगह पर मुंह में पानी ले सकते हैं। सबसे पहले जब आप सुबह उठे और आपको मुंह धोना हो, कुल्ला करना हो तो कुल्ला करने के लिए जो पानी आप अपने मुंह में लेंगे उससे आपका व्रत नहीं टूटेगा और ना ही खंडित होगा। दूसरा जब आप लोग भगवान के मंदिर में बैठकर जल का आचमन करेंगे। चाहे किसी कथा को सुनने के बाद या व्रत के संकल्प के लिए तो उस जगह पर भी आप लोगों का यह व्रत नहीं टूटेगा और ना ही खंडित होगा।
- इस व्रत में रात्रि जागरण का विशेष महत्व होता है इसके लिए माता बहनों को रात्रि में जहां पर हरतालिका तीज व्रत की पूजन होती है वहां पर जाकर रात्रि जागरण के साथ चार पहर की पूजा जरूर करनी चाहिए।
- इस व्रत में जो रात्रि में पहले पहर की पूजन होती है उसके बाद आप चाय, दूध, पानी वगैरा पी सकते हैं।
- इसके बाद में सुबह आप अपने इस व्रत को सूर्योदय के बाद कभी भी खोल सकते हैं और अपने व्रत को पूरा कर सकते हैं।
हरतालिका तीज व्रत के दिन क्या दान करें
हरतालिका तीज व्रत में सुहाग की सामग्री का दान करना बहुत अच्छा माना जाता है और इसके बाद माता पार्वती जी सुहाग की सामग्री भी जरूर समर्पित करनी चाहिए।
हरतालिका व्रत में चार पहर की पूजा का समय
- हरतालिका तीज व्रत में चार पहर की पूजा का समय कुछ इस प्रकार से है।
- प्रथम पहर की पूजा शाम 6:00 से रात 9:00 के बीच में
- दूसरे पहर की पूजा रात 9:00 बजे से रात 12:00 के बीच में
- तीसरी पहर की पूजा रात 12:00 से सुबह 3:00 के बीच में
- चौथ पहर की पूजा सुबह 3:00 से सुबह 6:00 के बीच में
हरतालिका तीज व्रत पारण समय
हरतालिका तीज व्रत का पारण भी आप लोगों को शुभ मुहूर्त में ही करना चाहिए।
व्रत का पारण आपको 27 अगस्त बुधवार को सुबह 5:40 मिनट से सुबह 7:05 मिनट के बीच में करना है।
हरतालिका तीज निर्जला और निराहार ना कर पाए तो क्या करें
हरतालिका तीज का व्रत अगर आप लोग निर्जला और निराहार नहीं रख पाते हैं तो आपको इस व्रत को जल पीकर और फलहार करके रखना चाहिए। अगर आप हर बार इस व्रत को पूरी नियम के साथ करते हैं पर इस बार आपकी तबीयत ठीक नहीं है या आप दवाई गोली खाते हैं तो इस स्थिति में आप इस प्रकार से व्रत को रख सकते हैं।
हम आशा करते हैं कि हमने आपको हरतालिका तीज व्रत से जुड़ी हुई सारी जानकारी देदी है। अभी भी आपके मन में कोई प्रश्न है तो उसे आप हमसे कमेंट करके पूछ सकते हैं।
धन्यवाद