पौष माह की पूर्णिमा कब है, पूस में क्या नही करना चाहिए । Paush Purnima 2024

Paush Purnima 2024

पूर्णिमा शब्द संस्कृत का एक शब्द है जो प्रत्येक माह में चंद्र नक्षत्र के बीच पढ़ने वाली विभाजन को चिन्हित करता है तक पूर्णिमा होती है। शास्त्रों के अनुसार इस दिन चंद्र देव धरती पर अमृत की वर्षा करते हैं। ज्योतिष शास्त्रों में पूर्णिमा के रहस्य को अलग-अलग प्रकार से उजागर किया गया है, हर साल 12 पूर्णिमा होती हैं।

अयोध्या से आए पीले चावलों का क्या करें, पीले चावलों का महत्व क्या है 2024

ayodhya peele chawal ka kaya kare

अयोध्या से पूजित अक्षत (चावल) को देश के सभी राज्यों में अलग-अलग जगह पहुंचाया जा रहा है,जिसे निमंत्रण पत्रिका और श्री राम जी के चित्र पहुंचने के तहत काम किया जा रहा है। हालांकि यह पीले चावल लोगों के घर-घर तक पहुंचा जा रहे हैं जिसे अयोध्या में बना रहे राम मंदिर में आमंत्रण के रूप में भक्त लोग स्वीकार कर रहे हैं।

अन्नपूर्णा जयंती कब है, अन्नपूर्णा पूजा पर क्या करना चाहिए । Annapurna Puja 2023 in Hindi 

मार्गशीर्ष माह के पूर्णिमा को अन्नपूर्णिमा जयंती के नाम से भी जाना जाता है, इस दिन माता पार्वती अन्नपूर्णा के रूप में प्रकट हुई थी। माता अन्नपूर्णा को अन्य की देवी माना जाता है और अन्नपूर्णा जयंती के दिन मुख्य रूप से सभी भक्त लोग अन्न की पूजा करते हैं। जैसा कि आप सभी जानते हैं हमारे शास्त्रों में अनेक त्यौहार ऐसे हैं जिसे बड़े ही श्रद्धा पूर्वक हिंदू रीति रिवाज के साथ मनाया जाता है। अन्नपूर्णा जयंती के दिन भी पूरे विधि विधान से पूजा करने का प्रचलन चल आ रहा है। दोस्तों, जैसा कि आप सभी जानते हैं हमारे घर की ग्रहणियों को अन्नपूर्णा ही माना जाता है, इसीलिए इस दिन विशेष रूप से वह अपने घर के गैस पर चावल और मिष्ठान का भोग बनाती हैं, साथ में दीपक भी प्रचलित करती है। कई जगह इस अन्नपूर्णा महोत्सव के नाम से भी जानते हैं। आज हम अपने इस लेख के माध्यम से अन्नपूर्णा जयंती के बारे में आपको विस्तार से बताएंगे।

गुप्त नवरात्रि कब है, गुप्त नवरात्रि में किसकी पूजा करना चाहिए । Gupt Navratri Kab Hai 2024

जैसा कि आप सभी जानते हैं हमारे हिंदू धर्म में नवरात्रि का विशेष पर महत्व माना जाता है, शास्त्र अनुसार नवरात्रि में माता रानी के नौ रूपों की पूजा की जाती है और यह नवरात्रि गणेश उत्सव के बाद आते हैं। लेकिन हमारा बहुत ही प्राचीन ग्रंथ देवी भागवत उसके अनुसार वर्ष में चार बार नवरात्रि आते हैं, 2 नवरात्रि गुप्त रूप से मनाए जाते हैं और 2 नवरात्रि खुलकर मनाए जाते हैं। गुप्त नवरात्रि में बड़े-बड़े साधक महाविद्याओं की साधना करते हैं। जैसे मां काली, तारा देवी, त्रिपुर सुंदरी, मां भुवनेश्वरी, माता छिन्नमस्ता, त्रिपुर भैरवी, मां धूम्रवती, मां बगलामुखी, मातंगी और कमला देवी की पूजा की जाती है। 2024 में गुप्त नवरात्रि माघ मास महीने की 10 फरवरी दिन शनिवार से प्रारंभ होकर 18 फरवरी 2024 को समाप्त होंगी। यदि आपको भी गुप्त नवरात्रि के बारे में नहीं पता तो हम आपको इस लेख के माध्यम से गुप्त नवरात्रि क्या है, इस विषय में सारी जानकारियां देंगे। 

Guru Gobind singh jayanti 2024 | गुरु गोबिंद सिंह जयंती क्यों मनाते है, गुरु गोबिंद सिंह जी की जयंती कब है

आज हम आपको बताने जा रहे हैं गुरु गोविंद सिंह जी के बारे में प्रत्येक वर्ष पौष महीने के शुक्ल पक्ष की सप्तमी तिथि को गुरु गोविंद सिंह जी की जयंती मनाई जाती है। गुरु गोविंद सिंह जी सिख समुदाय के 10 वे गुरु थे, गुरु गोविंद सिंह जी का जन्म बिहार के पटना में पौष माह शुक्ल सप्तमी तिथि (संवत 1723) अंग्रेजी कैलेंडर के मुताबिक 22 दिसंबर 1666 को हुआ था। गुरु गोविंद सिंह जी के बचपन का नाम गोविंद राय था, 1670 में गुरु गोविंद सिंह जी का परिवार पंजाब आ गया था।

Makarsankranti 2024 Date and Time | मकर संक्रांति पर हमें क्या करना चाहिए, तिथि और महत्व

मकरसंक्रांति 2024 ज्योतिष शास्त्र के अनुसार इस दिन सूर्य देव धनु राशि को छोड़कर मकर राशि में प्रवेश करते हैं, इसी प्रवेश प्रक्रिया को संक्रांति कहा जाता है। हमारे हिंदू धर्म में मकर संक्रांति का बहुत ही महत्व होता है। मान्यता है कि इस दिन गंगा स्नान और दान धर्म करने का बहुत महत्व है मकर संक्रांति हर बार जनवरी के महीने की 14 या 15 तारीख को मानते हैं मतलब इंग्लिश कैलेंडर के अनुसार मकर संक्रांति 14 जनवरी या 15 जनवरी को मनाई जाती है।

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