प्रदोष व्रत कब है, प्रदोष के व्रत कैसे करते है । Pradosh Vrat Kya Hai 2023

जैसा कि आप सभी जानते हैं हमारे हिंदू धर्म में अनेक ऐसे व्रत होता हैं जिनका अपना ही एक अलग महत्व माना जाता है, चाहे वह एकादशी हो या फिर कोई त्यौहार हो सभी का अपना अपना विशेष में महत्व है। ऐसा ही एक व्रत होता है जिसे प्रदोष व्रत के नाम से जाना जाता है जिसमें भगवान शिव की पूजा का विशेष महत्व माना जाता है। मान्यता के अनुसार प्रदोष व्रत के दिन भगवान शिव जी अपने कैलाश पर्वत पर स्थित रजत भवन में नृत्य करते हैं और सभी देवी देवता उनकी स्तुति गान करते हैं।

षटतिला एकादशी व्रत कब है, एकादशी का महत्व क्या होता है । Shattila Ekadashi Kya Hai 2024

shattila ekadashi vrat 2024

हमारे हिंदू धर्म में एकादशी का बहुत अत्यधिक महत्व माना जाता है, एकादशी माह में 2 बार आती हैं। एक कृष्ण पक्ष की एकादशी दूसरी शुक्ल पक्ष की एकादशी, ऐसी ही एक एकादशी है जो माघ मास के कृष्ण पक्ष को मनाई जाती है जिसे शास्त्रों द्वारा षटतिला एकादशी के नाम से जानते हैं। 2024 में षटतिला एकादशी 6 फरवरी दिन मंगलवार के दिन मनाई जाएगी, जैसा कि आप सभी जानते हैं एकादशी पर भगवान विष्णु की पूजा और उनका व्रत रखने का विधान माना जाता है, मान्यता के अनुसार एकादशी व्रत पालन करने से भक्तों के सभी पाप नष्ट हो जाते हैं और उन्हें भगवान विष्णु की विशेष कृपा प्राप्त होती है। आज हम आपको षटतिला एकादशी के बारे में विस्तार से बताएंगे। 

सकट चौथ कब है, सकट चौथ को क्या करना चाहिए । Sakat Chauth Kab Hai 2024

सकट चौथ माघ मास के कृष्ण पक्ष की चतुर्थी तिथि को मनाया जाता है इस व्रत को विशेष तौर पर स्त्रियां अपने संतान की दीर्घायु और उनकी सफलता के लिए करती हैं। मान्यता के अनुसार उसे दिन व्रत करने से संतान को रिद्धि सिद्धि की प्राप्ति होती है तथा उनके जीवन में आने वाली सभी विघ्न और बाधाएं भगवान गणेश जी द्वारा दूर कर दी जाती हैं। सकट चौथ के दिन घर की स्त्रियां पूरे दिन निर्जला व्रत रखती हैं और शाम को भगवान गणेश की पूजा तथा चंद्र देव को अर्घ्य देने के बाद ही जल ग्रहण करती हैं।

2024 Mein Basant Panchami Kab Hai । बसंत पंचमी कब है, बसंत पंचमी पर क्या करना चाहिए

हिंदू पंचांग के अनुसार माघ माह के शुक्ल पक्ष की पंचमी तिथि को वसंत पंचमी के नाम से जाना जाता है, बसंत पंचमी के बाद ही वसंत ऋतु का आगमन होता है। बसंत पंचमी के त्यौहार का हिंदू धर्म में एक विशेष में महत्व माना जाता है इस दिन विद्या की देवी माता सरस्वती की पूजा आराधना की जाती है। कई जगह इसे सरस्वती पूजा के नाम से भी जाना जाता है इस दिन विशेष कर पीले वस्त्र को पहनने का महत्व दिया गया है।

पुत्रदा एकादशी कब मनाई जाएगी, पुत्रदा एकादशी का व्रत कैसे करना चाहिए | Putrada Ekadashi Kya Hai 2024

हमारे हिंदू धर्म मैंने एकादशी का बहुत देखना है तो मना जाता है जाता है एकादशी मनुष्य के जीवन से समस्त पापा का नाश करने के लिए मानी जाती है। प्रत्येक माह  में दो बार एकादशी पड़ती है, शुक्ल पक्ष और कृष्ण पक्ष दोनो पक्षों में एक एक एकादशी आती है। पौष माह के शुक्ल पक्ष में पढ़ने वाली एकादशी को पुत्रदा एकादशी के नाम से जाना जाता है।

2024 में कुल कितने ग्रहण है | Surya grahan and Chandra grahan date and time, 2024 grahan list 

ज्योतिष शास्त्र के अनुसार हिंदू धर्म में सूर्य एवं चंद्र ग्रहण का बहुत महत्व माना जाता है माना जाता है कि इस दौरान हमें पूजा पाठ और कोई भी शुभ काम कार्य नहीं करना चाहिए यदि हम इस दौरान कोई भी शुभ कार्य या पूजा पाठ करते हैं। तो इसका प्रभाव हमारे शारीरिक और मानसिक सेहत पर पड़ता है ज्योतिषों के अनुसार ग्रहण के समय राहु के नकारात्मक प्रभाव धरती पर बढ़ जाते हैं इसलिए एक में हम आपको बताने वाले हैं 2024 में आने वाले ग्रहणों के बारे में तथा उनके समय और वह कहां-कहां देखे जाएंगे। 

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