Lohri Kab Manaya Jata Hai | लोहड़ी के त्योहार पर क्या होता है

माघ संक्रांति से पहली रात सूर्यास्त के बाद पौष मास के अंतिम दिन को सिक्ख धर्म में लोहड़ी पर्व कहते हैं। यह सिख धर्म का एक विशेष त्यौहार है जिसे प्राय 13 जनवरी या 14 जनवरी आसपास मनाया जाता है। इस वर्ष लोहड़ी का त्यौहार 14 जनवरी 2024 दिन रविवार को मनाया जाएगा। इस पर्व को मुख्य रूप से पंजाब का पर्व माना जाता है। भारत के अलग-अलग शहरों में मकर संक्रांति के दिन और उसके आसपास के दिनों में कई त्योहार मनाए जाते हैं जो मकर संक्रांति के ही दूसरे रूप हैं।

Pongal Festival Kya Hai, pongal kyo manate hai | पोंगल कब मनाया जाएगा 2024

आज हम बात करेंगे पोंगल के बारे में पोंगल एक दक्षिण भारत के सबसे प्रमुख त्योहारों में से एक माना जाता है यह मुख्य रूप से तमिलनाडु आंध्र प्रदेश कर्नाटक और केरल में मनाया जाता है। पोंगल को दक्षिण भारत के लोगों में नए साल के रूप में मनाया जाता है, जिस समय उत्तर भारत में मकर संक्रांति का त्यौहार मनाया जाता है, ठीक उसी समय दक्षिण भारत में पोंगल का पर्व मनाया जाता है।

Mokshada Ekadashi Kab Hai 2023 | मोक्षदा एकादशी का व्रत कब है

हमारे हिंदू धर्म ग्रंथो में तो दो पक्ष चलते हैं पहला शुक्ल पक्ष और  दूसरा कृष्ण पक्ष  और दोनों पक्षों में एकादशी तिथि आती है। प्रत्येक माह में दो एकादशी आती हैं और इन एकादशी तिथि को अलग-अलग नाम से संबोधित किया गया है। इस प्रकार 1 वर्ष में 24 एकादशी तिथियां होती हैं, हिंदू धर्म में एकादशी का बहुत महत्वपूर्ण स्थान माना जाता है। जिस वर्ष अधिकमास आता है तब एकादशी तिथि की संख्या बढ़कर 26 हो जाती है, 2023 में अधिकमास था।

Nag Diwali kab hai 2023 | Vivah Panchami kab hai | नाग दीपावाली पूजा विधि

आज हम आपको इस लेख के माध्यम से नाग दिवाली के बारे में बताएंगे, प्रत्येक वर्ष मार्गशीर्ष माह (अगहन मास) के शुक्ल पक्ष की आने वाली पंचमी तिथि को नाग दिवाली के रूप में मनाया जाता है। इस वर्ष नाग दिवाली 17 दिसंबर 2023 को मनाई जाएगी।

Utpanna ekadashi kab hai | उत्पन्ना एकादशी व्रत कब है, उत्पत्ति एकादशी की कथा

हमारे हिंदू धर्म में एकादशी का बहुत ही अत्यधिक महत्व माना जाता है धार्मिक मान्यताओं के अनुसार एकादशी के दिन पूजा करने पर भगवान विष्णु की कृपा बनी रहती है। अगर हम बात करें हिंदू पंचांग की पंचाग अनुसार मार्गशीर्ष माह के कृष्ण पक्ष को पढ़ने वाली तिथि को उत्पन्ना एकादशी नाम से जाना जाता है। मान्यताओं के अनुसार उत्पन्ना एकादशी पर भगवान विष्णु और माता लक्ष्मी जी की पूजा की जाती है, उत्पन्ना एकादशी के दिन व्रत करने से भक्तों के जीवन से पापों का नाश होता है और मां लक्ष्मी की असीम कृपा बरसती है जिससे भक्तों के घर में सुख समृद्धि का वास होता है।

Kartik purnima upay, कार्तिक पूर्णिमा पर क्या उपाय करे, कार्तिक पूर्णिमा के क्या उपाय है।

कार्तिक माह के शुक्ल पक्ष की आने वाली पूर्णिमा को कार्तिक पूर्णिमा के नाम से जाना जाता है, इस वर्ष कार्तिक पूर्णिमा 27 नवंबर 2023 को मनाई जाएगी। कार्तिक पूर्णिमा के दिन ब्रह्म मुहूर्त के समय पवित्र नदियों में स्नान करने से तथा स्नान करने के बाद दान करने से जातक के जीवन में पुण्य की प्राप्ति होती है। कार्तिक पूर्णिमा के दिन चंद्रमा और मां लक्ष्मी जी की पूजा का विधान भी माना जाता है, हालांकि शास्त्र अनुसार आप कार्तिक पूर्णिमा के दिन सुबह स्नान के बाद सत्यनारायण भगवान की कथा भी सुन सकते हैं।

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