राधे राधे मेरे प्रिय साथियों, साल 2026 का पहला चंद्र ग्रहण आने वाला है और इस बार इसे लेकर लोगों में काफी चिंता देखी जा रही है। इसकी सबसे बड़ी वजह यह है कि यह चंद्र ग्रहण भारत में दिखाई देगा और इसका सूतक काल भी पूरी तरह मान्य होगा।
इस लेख में हम जानेंगे कि चंद्र ग्रहण कब लगेगा, कितनी देर रहेगा, सूतक काल कब से शुरू होगा, किन-किन जगहों पर दिखाई देगा, किन सावधानियों का पालन करना जरूरी है और इसका होली से क्या संबंध है।
चंद्र ग्रहण क्या होता है?
जब सूर्य और चंद्रमा के बीच पृथ्वी आ जाती है, तब पृथ्वी की छाया चंद्रमा पर पड़ती है।
इसी खगोलीय स्थिति को चंद्र ग्रहण कहा जाता है।
पहला चंद्र ग्रहण 2026 की तिथि और समय
- 📅 तिथि: 3 मार्च 2026, मंगलवार
- ⏰ ग्रहण शुरू: दोपहर 3:20 बजे
- ⏰ ग्रहण समाप्त: शाम 6:45 बजे
- ⏳ कुल अवधि: लगभग 3 घंटे 27 मिनट
चंद्र ग्रहण का सूतक काल कब से लगेगा?
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, चंद्र ग्रहण का सूतक काल 9 घंटे पहले शुरू हो जाता है।
- 🕉️ सूतक काल प्रारंभ:
👉 3 मार्च सुबह 6:20 बजे - 🕉️ सूतक काल समाप्ति:
👉 ग्रहण की समाप्ति के साथ, यानी शाम 6:45 बजे
जहां-जहां ग्रहण दिखाई देता है, वहां सूतक काल पूरी तरह मान्य होता है।
भारत में चंद्र ग्रहण कहां-कहां दिखाई देगा?
यह चंद्र ग्रहण भारत के अधिकांश हिस्सों में देखा जा सकेगा, विशेष रूप से:
- नॉर्थ ईस्ट भारत (पूर्वोत्तर राज्य)
- असम
- मिजोरम
- नगालैंड
- मणिपुर
इसके अलावा:
- दिल्ली
- मुंबई
- उत्तर प्रदेश
- राजस्थान
दुनिया के किन देशों में चंद्र ग्रहण दिखेगा?
भारत के अलावा यह चंद्र ग्रहण इन देशों में भी दिखाई देगा:
- पाकिस्तान
- अफ़गानिस्तान
- इराक
- ईरान
- ऑस्ट्रेलिया
- न्यूजीलैंड
- रूस
- उत्तरी और दक्षिणी अमेरिका
- एशिया के कई देश
भारत में चंद्र ग्रहण कितनी देर दिखाई देगा?
भारत में ग्रहण दिन के समय शुरू होगा, इसलिए शुरुआत में चंद्रमा दिखाई नहीं देगा।
- 🌙 चंद्रोदय: शाम 6:30 बजे
- 🌑 ग्रहण चंद्रोदय के बाद दिखाई देगा
- ⏱️ भारत में दृश्य अवधि: लगभग 17 मिनट
- 🌑 समाप्ति: शाम 6:47 बजे
👉 इन 17 मिनटों में विशेष सावधानी रखना आवश्यक है।
चंद्र ग्रहण से पहले क्या करें? (सूतक से पहले)
- तुलसी पत्र तोड़कर:
- रसोई में
- खाने-पीने की चीजों में
- पानी में
- पूजा स्थान पर
रख दें
- भगवान के मंदिर में पर्दा लगा दें
- गर्भवती महिलाएं विशेष रूप से तैयारी करें
सूतक काल और ग्रहण काल में क्या न करें?
- ✂️ कैंची, छुरी, सुई का प्रयोग न करें
- 🍽️ खाना न बनाएं और न खाएं
- 🚪 घर से बाहर न निकलें
- 📺 कार्टून, हिंसक फिल्में या सीरियल न देखें
- 🌙 चंद्र ग्रहण को आंखों से न देखें
- 🌕 ग्रहण की रोशनी में न आएं
👉 ये नियम गर्भवती महिलाओं के लिए अत्यंत आवश्यक हैं।
गर्भवती महिलाओं के लिए विशेष नियम
- सूतक से पहले:
- पेट पर गेरू लगाएं
- या चंदन की तीन रेखाएं बनाएं
- ग्रहण और सूतक काल में नियमों का पालन करें
- इससे बच्चे पर ग्रहण का कोई नकारात्मक प्रभाव नहीं पड़ता
चंद्र ग्रहण के दौरान क्या करना चाहिए?
- एक स्थान पर बैठकर भगवान के नाम का जाप करें
- ग्रहण काल में किया गया नाम जाप कई गुना फल देता है
- इससे ग्रहण का दुष्प्रभाव नहीं होता
- बाथरूम जाना या पानी पीना मना माना जाता है,
लेकिन आवश्यकता हो तो किया जा सकता है
ग्रहण समाप्त होने के बाद क्या करें?
- गंगाजल मिले जल से स्नान करें
- पूरे घर में गंगाजल छिड़कें
- भगवान को स्नान कराकर घी का दीपक जलाएं
- ग्रहण के प्रभाव से मुक्ति के लिए प्रार्थना करें
चंद्र ग्रहण, होली और होलिका दहन 2026
- यह चंद्र ग्रहण फाल्गुन पूर्णिमा के दिन लग रहा है
- इसी दिन होली की तिथि भी है
- ग्रहण और सूतक के कारण:
- ❌ होली 3 मार्च को नहीं
- ✅ होली 4 मार्च 2026 को मनाई जाएगी
होलिका दहन को लेकर स्थिति:
- पूर्णिमा दो दिन की है (2 मार्च शाम से 3 मार्च शाम तक)
- 2 मार्च को भद्रा काल रहेगा (पृथ्वी लोक वास)
- इसलिए:
- कहीं 2 मार्च शाम
- कहीं मध्य रात्रि 1–2 बजे
- और कहीं 3 मार्च को ग्रहण-सूतक समाप्ति के बाद
होलिका दहन किया जाएगा
चंद्र ग्रहण 2026 किस राशि में लगेगा?
- ♌ सिंह राशि
- ⭐ फाल्गुनी नक्षत्र
👉 सिंह राशि वालों को इस ग्रहण में विशेष सावधानी रखनी चाहिए।
निष्कर्ष
साल 2026 का पहला चंद्र ग्रहण धार्मिक दृष्टि से बहुत महत्वपूर्ण है।
सूतक काल, गर्भवती महिलाओं के नियम, जाप-पाठ और ग्रहण के बाद की शुद्धि का पालन करने से ग्रहण का कोई नकारात्मक प्रभाव नहीं पड़ता।
इसी ग्रहण के कारण इस बार होली 4 मार्च 2026 को मनाई जाएगी।