राधे राधे मेरे प्रिय साथियों, इस बार पूरे भारत में होलिका दहन को लेकर लोगों के मन में भारी भ्रम बना हुआ है। इसका सबसे बड़ा कारण यह है कि होलिका दहन के दिन भद्रा काल पड़ रहा है और रंगों वाली होली के दिन चंद्र ग्रहण लग रहा है। इसी वजह से लोग यह जानना चाहते हैं कि इस बार होली कब जलाई जाएगी, होलिका दहन का सही दिन कौन-सा है और शुभ मुहूर्त क्या रहेगा।
कई लोग अपने घर में होलिका दहन करते हैं तो कई लोग गली-मोहल्ले और आस-पड़ोस में होली जलाते हैं। ऐसे में सभी के मन में यह डर बना हुआ है कि कहीं गलत दिन या गलत समय पर होलिका दहन न कर दिया जाए, क्योंकि शास्त्रों के अनुसार गलत समय पर किया गया होलिका दहन उल्टा प्रभाव भी डाल सकता है।
फाल्गुन पूर्णिमा तिथि 2026 कब शुरू और समाप्त होगी?
साथियों, होलिका दहन और होली का पर्व फाल्गुन मास की पूर्णिमा तिथि में ही किया जाता है, इसलिए सबसे पहले पूर्णिमा तिथि का सही समय जानना बहुत जरूरी है।
- पूर्णिमा तिथि प्रारंभ:
👉 2 मार्च 2026 (सोमवार) को शाम 5 बजकर 56 मिनट से - पूर्णिमा तिथि समाप्त:
👉 3 मार्च 2026 (मंगलवार) को शाम 5 बजकर 7 मिनट तक
यहां ध्यान देने वाली बात यह है कि 2 मार्च को पूर्णिमा तिथि में रात्रि का समय मिल रहा है, जबकि 3 मार्च को केवल दिन का समय ही पूर्णिमा तिथि में रहेगा।
होलिका दहन 2026 किस दिन करना शास्त्रों के अनुसार सही है?
शास्त्रों और नियमों के अनुसार होलिका दहन हमेशा पूर्णिमा तिथि में और प्रदोष काल में ही करना शुभ माना जाता है।
इस नियम के आधार पर इस बार होलिका दहन 2 मार्च 2026 (सोमवार) को ही करना सही रहेगा।
3 मार्च को शाम के समय पूर्णिमा तिथि समाप्त हो चुकी होगी, इसलिए उस दिन होलिका दहन करना शास्त्र सम्मत नहीं माना जाता।
होलिका दहन 2026 का शुभ मुहूर्त (2 मार्च)
साथियों, होलिका दहन का शुभ फल प्राप्त करने के लिए इसे पूर्णिमा तिथि + प्रदोष काल में करना आवश्यक होता है।
🔴 होलिका दहन का मुख्य शुभ मुहूर्त
👉 2 मार्च 2026, शाम 6:22 बजे से रात 8:53 बजे तक
इस समय के बीच आप:
- अपने घर में होलिका दहन कर सकते हैं
- गली-मोहल्ले या सामूहिक स्थान पर भी होलिका दहन कर सकते हैं
भद्रा काल 2026: समय और नियम
इस बार होलिका दहन के दिन भद्रा काल भी पड़ रहा है, जिस कारण लोगों में ज्यादा भ्रम है।
🔴 भद्रा काल का समय
- भद्रा प्रारंभ:
👉 2 मार्च 2026, शाम 5:55 बजे - भद्रा समाप्त:
👉 3 मार्च 2026, सुबह 5:28 बजे
क्या भद्रा में होलिका दहन किया जा सकता है?
- शास्त्रों के अनुसार होलिका दहन पर्व विशेष होने के कारण भद्रा का दोष उतना प्रभावी नहीं माना जाता।
- 2 मार्च की शाम जो शुभ मुहूर्त बताया गया है, उस समय भद्रा रहते हुए भी होलिका दहन किया जा सकता है।
भद्रा पुच्छ काल में होलिका दहन
जो लोग भद्रा पुच्छ का पालन करना चाहते हैं, वे:
👉 2 मार्च की मध्य रात्रि में रात 1 बजे से 2 बजे के बीच
होलिका दहन कर सकते हैं।
हालांकि यह समय प्रदोष काल के बाद का है, लेकिन पूर्णिमा तिथि रहने के कारण इसे भी दोषपूर्ण नहीं माना गया है।
क्या 3 मार्च 2026 को होलिका दहन किया जा सकता है?
कुछ लोग यह सोच रहे हैं कि 3 मार्च को:
- भद्रा समाप्त हो जाएगी
- सूतक समाप्त हो जाएगा
- ग्रहण समाप्त हो जाएगा
इस वजह से वे 3 मार्च को होलिका दहन करना चाहते हैं।
👉 3 मार्च को शाम 6:40 बजे से रात 8:50 बजे तक
कुछ लोग होलिका दहन करेंगे,
लेकिन इस समय पूर्णिमा तिथि नहीं होगी, इसलिए शास्त्रों के अनुसार यह सही नहीं माना जाता।
होली 2026 किस दिन मनाई जाएगी?
साथियों, भले ही होलिका दहन 2 मार्च को हो जाए, लेकिन रंगों वाली होली 3 मार्च को नहीं मनाई जाएगी, क्योंकि:
- 3 मार्च को चंद्र ग्रहण है
- चंद्र ग्रहण का सूतक काल लगभग 9 घंटे पहले, यानी सुबह करीब 9 बजे से शुरू हो जाएगा
👉 इसलिए होली का पर्व 4 मार्च 2026 (बुधवार) को ही मनाया जाएगा।
निष्कर्ष (Conclusion)
- ✅ होलिका दहन: 2 मार्च 2026 (सोमवार)
- ✅ शुभ मुहूर्त: शाम 6:22 से रात 8:53
- ❌ 3 मार्च को होलिका दहन शास्त्र सम्मत नहीं
- 🎨 रंगों वाली होली: 4 मार्च 2026
अगर अभी भी आपके मन में होलिका दहन या होली को लेकर कोई प्रश्न है, तो आप कमेंट करके जरूर पूछ सकते हैं।
आप यह जानकारी कहां से पढ़ रहे हैं, यह भी कमेंट में जरूर बताएं।
राधे राधे मेरे प्रिय साथियों