राधे राधे मेरे प्रिय साथियो
आप सभी जानते हैं कि खरमास का पवित्र महीना आरंभ हो चुका है। खरमास हिंदू पंचांग का एक विशेष समय होता है, क्योंकि यह वर्ष का एकमात्र ऐसा महीना है जो दो वर्षों को आपस में जोड़ता है। इस बार वर्ष 2025 के 15 दिन और वर्ष 2026 के भी 15 दिन खरमास के अंतर्गत आते हैं। इस प्रकार यह महीना न केवल दो सालों को जोड़ता है, बल्कि हमारे जीवन में भी कई महत्वपूर्ण बदलाव लेकर आता है।
हिंदू मान्यताओं के अनुसार, खरमास का समय आने वाले नए वर्ष को शुभ या अशुभ बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। यदि इस महीने के नियमों का सही तरीके से पालन किया जाए, तो जीवन में सकारात्मक परिणाम मिलते हैं, वहीं नियमों की अनदेखी करने से नकारात्मक फल भी प्राप्त हो सकते हैं।
खरमास का धार्मिक महत्व
खरमास का महीना विशेष रूप से सूर्य देव को समर्पित माना जाता है। जब सूर्य देव धनु राशि में प्रवेश करते हैं, तभी खरमास की शुरुआत होती है। भारत में जैसे ही खरमास आरंभ होता है, तब से लेकर इसके समाप्त होने तक सभी प्रकार के मांगलिक और शुभ कार्य रोक दिए जाते हैं।
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, खरमास के दौरान किए गए शुभ कार्य भी शुभ फल नहीं देते, बल्कि कई बार उनका परिणाम अशुभ हो सकता है। यही कारण है कि इस महीने को संयम और साधना का समय माना गया है।
खरमास में क्या नहीं करना चाहिए
खरमास के दौरान कुछ कार्यों से विशेष रूप से बचना चाहिए:
1. वाद-विवाद और झगड़ों से दूर रहें
इस महीने किसी भी प्रकार के विवाद या झगड़े में पड़ने से बचना चाहिए। मान्यता है कि इस समय किए गए विवाद बड़े आर्थिक नुकसान या मान-हानि का कारण बन सकते हैं।
2. लेन-देन में सावधानी रखें
खरमास के दौरान किसी को भी धन उधार नहीं देना चाहिए। ऐसा माना जाता है कि इस महीने दिया गया धन वापस मिलने में बहुत कठिनाई होती है।
3. मांगलिक कार्य न करें
इन 30 दिनों में विवाह, मुंडन, गृह प्रवेश, सगाई जैसे किसी भी शुभ कार्य से बचना चाहिए।
4. नई शुरुआत से बचें
खरमास में नया व्यापार, दुकान या बिजनेस शुरू नहीं करना चाहिए, क्योंकि इससे सफलता में बाधा या नुकसान होने की संभावना रहती है।
5. तामसिक भोजन का त्याग करें
इस महीने मांसाहार, शराब और तामसिक भोजन का सेवन भूलकर भी नहीं करना चाहिए, क्योंकि इससे शरीर और जीवन में नकारात्मकता बढ़ती है।
6. सोना-चांदी और नए कपड़े न खरीदें
खरमास के दौरान सोना, चांदी, नए कपड़े या पार्टी-फंक्शन से जुड़ा सामान खरीदना भी वर्जित माना गया है।
7. बाल, दाढ़ी और नाखून न काटें
धार्मिक नियमों के अनुसार, खरमास में बाल, दाढ़ी और नाखून काटने से बचना चाहिए, क्योंकि इससे शरीर का तेज कम होता है।
खरमास में क्या करना चाहिए
खरमास का समय आत्मशुद्धि और भक्ति के लिए अत्यंत शुभ माना जाता है।
1. सूर्य देव की उपासना करें
सभी लोगों को सूर्योदय से पहले उठकर स्नान-ध्यान करना चाहिए और उगते हुए सूर्य देव को अर्घ्य देकर उनके मंत्रों का जाप करना चाहिए। इससे सकारात्मक ऊर्जा प्राप्त होती है।
2. दान-पुण्य करें
खरमास के दौरान किया गया दान बहुत फलदायी माना जाता है। इस समय:
- चना
- गुड़
- चावल
- काले तिल
- कंबल
- गर्म कपड़े
- धन
अपनी क्षमता अनुसार दान अवश्य करना चाहिए।
खरमास में तुलसी पूजा कैसे करें
खरमास में तुलसी माता की पूजा को लेकर लोगों के मन में कई प्रश्न होते हैं।
इस महीने तुलसी पूजा की विधि बहुत सरल होती है:
- प्रतिदिन सुबह जल्दी उठकर तुलसी जी की पूजा करें
- उन्हें जल अर्पित करें
- शाम के समय घी का दीपक जलाएं
लेकिन खरमास के दौरान:
- तुलसी माता को चूड़ी, बिंदी, सिंदूर, कुमकुम, मेहंदी या सुहाग की वस्तुएं अर्पित नहीं करनी चाहिए
- मान्यता है कि इस महीने तुलसी जी का स्वरूप थोड़ा उग्र होता है, इसलिए सरल पूजा ही श्रेष्ठ मानी जाती है
साथ ही रविवार, एकादशी और द्वादशी के दिन तुलसी के पत्ते नहीं तोड़ने चाहिए।
खरमास कब समाप्त होता है?
खरमास का समापन मकर संक्रांति के दिन होता है। इस दिन सूर्य देव मकर राशि में प्रवेश करते हैं। इसके बाद सभी शुभ और मांगलिक कार्य पुनः आरंभ हो जाते हैं।
निष्कर्ष
खरमास कोई नकारात्मक समय नहीं है, बल्कि यह संयम, साधना, भक्ति और आत्मचिंतन का महीना है। यदि इस पवित्र समय में नियमों का सही ढंग से पालन किया जाए, तो आने वाला नया वर्ष सुख, शांति और समृद्धि लेकर आता है।
हमें आशा है कि इस लेख के माध्यम से आपको खरमास से जुड़े सभी प्रश्नों के सही उत्तर मिले होंगे। यदि फिर भी आपके मन में कोई प्रश्न हो, तो आप कमेंट करके अवश्य पूछें और यह भी बताएं कि आप यह लेख कहां से पढ़ रहे हैं।
राधे राधे मेरे प्रिय साथियो