राधे राधे मेरे प्रिय साथियों, आजकल आपने देखा होगा कि बहुत से लोग अपनी उंगली में एक छोटी सी अंगूठी जैसी डिजिटल मशीन पहनते हैं, जिसमें नंबर चलते रहते हैं और दो बटन होते हैं। इसे आज के समय में डिजिटल नाम जप काउंटर या नाम जाप काउंटर कहा जाता है। यह काउंटर बाजार में बहुत ही सस्ते दाम, लगभग 30 से 50 रुपये में आसानी से मिल जाता है।
अब धीरे-धीरे लोग पारंपरिक माला को छोड़कर इसी डिजिटल काउंटर से भगवान का नाम जप करने लगे हैं। ऐसे में बहुत से लोगों के मन में यह सवाल उठता है कि क्या इस डिजिटल नाम जप काउंटर से नाम जप करने पर पूरा फल मिलता है?
और क्या माला छोड़कर सिर्फ काउंटर से नाम जप करना सही है?
आज हम इसी विषय को सरल शब्दों में स्पष्ट करने वाले हैं।
डिजिटल नाम जप काउंटर क्या होता है?
डिजिटल नाम जप काउंटर एक छोटी सी मशीन होती है, जिसे उंगली में पहन लिया जाता है। इसमें आमतौर पर:
- 🔹 एक बटन नाम जप की गिनती बढ़ाने के लिए
- 🔹 दूसरा बटन पूरी गिनती रीसेट (जीरो) करने के लिए
जब व्यक्ति एक बार भगवान का नाम लेता है, तो बटन दबा देता है और काउंटर में एक संख्या बढ़ जाती है।
माला और डिजिटल काउंटर में क्या अंतर है?
हमारे पुराने बुजुर्ग और संत हमेशा 108 मनकों वाली माला से नाम जप करते आए हैं। माला में हम:
- नाम जप गिनते नहीं,
- बल्कि मनके को स्पर्श करते हुए आगे बढ़ते हैं,
- और जब माला पूरी होती है, तब पता चलता है कि 108 बार नाम जप हो चुका है।
वहीं डिजिटल काउंटर में:
- हर बार नाम लेने पर बटन दबाया जाता है
- और नाम जप को गिनती में बदला जाता है
क्या भगवान का नाम गिनकर लेना चाहिए?
सबसे महत्वपूर्ण बात यही है कि
👉 भगवान का नाम कभी गिनकर नहीं लिया जाता।
नाम जप का असली उद्देश्य है:
- मन की शुद्धि
- एकाग्रता
- और ईश्वर से भावनात्मक जुड़ाव
तुलसी की माला और रुद्राक्ष की माला से किया गया नाम जप एक अलग ही आध्यात्मिक फल और आनंद देता है, जिसे कोई मशीन नहीं दे सकती।
क्या डिजिटल नाम जप काउंटर गलत है?
यहाँ समझने वाली बात यह है कि:
- ❌ काउंटर में कोई चमत्कारी शक्ति नहीं है
- ✔️ लेकिन आपके मुख से निकला भगवान का नाम बहुत शक्तिशाली है
डिजिटल काउंटर सिर्फ एक उपकरण (Tool) है, माला का विकल्प नहीं।
बच्चों और नए भक्तों के लिए डिजिटल काउंटर का लाभ
आजकल बहुत से लोग इस काउंटर को:
- शौक के रूप में पहनते हैं
- देखने में अच्छा लगता है
- बच्चों को आकर्षित करता है
इसका एक फायदा यह हुआ है कि:
- जो लोग पहले नाम जप नहीं करते थे
- बच्चे जो माला नहीं करते थे
👉 वे भी अब भगवान का नाम लेना शुरू कर रहे हैं।
अगर किसी बच्चे या व्यक्ति के हाथ में काउंटर है और वह मुख से भगवान का नाम ले रहा है, तो उसे नाम जप का फल अवश्य मिलेगा।
क्या डिजिटल काउंटर माला का स्थान ले सकता है?
❌ नहीं।
यह बहुत जरूरी है समझना कि:
- माला = साधना
- डिजिटल काउंटर = सुविधा
दोनों समान नहीं हैं।
अगर आप समझदार हैं और माला का महत्व जानते हैं, तो माला से नाम जप करना ही श्रेष्ठ है।
तो सही निष्कर्ष क्या है?
✔️ अगर कोई व्यक्ति डिजिटल नाम जप काउंटर से नाम ले रहा है, तो वह गलत नहीं है
✔️ क्योंकि नाम मुख से निकल रहा है, और उसी का फल मिलता है
❌ लेकिन यह सोचना गलत है कि काउंटर माला जैसा फल देगा
निष्कर्ष (Conclusion)
डिजिटल नाम जप काउंटर सिर्फ एक मशीन है, कोई साधना नहीं।
नाम जप का असली फल आपकी भावना और श्रद्धा पर निर्भर करता है, न कि किसी उपकरण पर।
अगर आपको समय मिले तो:
- बिना किसी काउंटर के
- बिना गिनती के
- प्रेम और श्रद्धा से
बस भगवान का नाम लेते रहें।
अगर आपके मन में डिजिटल नाम जप काउंटर से जुड़ा कोई भी प्रश्न है,
या आप इसका उपयोग करते हैं या नहीं—
तो कमेंट में जरूर बताएं।
राधे राधे मेरे प्रिय साथियों।